इजरायल द्वारा फिलस्तीनी जनता के बर्बर नरसंहार के खिलाफ देशभर में विरोध-प्रदर्शन

July 18th, 2014  |  Published in प्रतिरोध/Resistance, प्रेस विज्ञप्ति/Press Release, Featured

बर्बर हमले को तुरंत बंद करने की मांग की

नई दिल्‍ली, 13 जुलाई 2014। गाज़ा के आम नागरिकों पर जारी इज़रायल के हमलों को बेगुनाहों का क़त्‍लेआम करार देते हुए आम नागरिकों, बुद्धिजीवियों, कलाकारों, छात्रों-युवाओं, महिलाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने ‘इंडियन पीपुल इन सॉलिडैरिटी विद गाजा’ (गाजा के पक्ष में एकजुट भारतीय जन) के बैनर तले 13 जुलाई से लेकर 18 जुलाई तक देश के अलग-अलग हिस्‍सों में विरोध-प्रदर्शन किए, पर्चे बांटे और साइकिल रैली निकाली। इसके अलावा अन्‍य संंगठनों ने भी विरोध-प्रदर्शन करके अपने गुस्‍से को इज़हार किया और जियनवादी-साम्राज्‍यवाद की पुरजोर निंदा की। 14 जुलाई जेएनयू के छात्रों और ‘इंडियन पीपुल इन सॉलिडैरिटी विद गाजा’ के कार्यकर्ताओं पर दिल्‍ली में पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किया गया और उन्‍हें कई घंटे हिरासत में रखा।

13 जुलाई को ‘इंडियन पीपुल इन सॉलिडैरिटी विद गाजा’ के आह्वान पर सुबह 11 बजे दिल्‍ली स्थित इजरायली दूतावास के सामने सैकड़ों लोगों ने जियनवाद-साम्राज्‍यवाद विरोधी, इस्रायल विरोधी व फिलस्‍तीनी जनता के समर्थन में नारे लगाए गए, इजरायल द्वारा नरसंहार का विरोध किया और वहां मौजूद लोगों ने अपनी बात रखी। सभा का संचालन करते हुए कविता कृष्‍णपल्‍लवी ने कहा कि हम गाज़ा की बेगुनाह आम आबादी के प्रति एकजुटता प्रकट करते हैं और इस्रायल से इस नरसंहार को तुरंत बंद करने की मांग करते हैं। उन्‍होंने कहा कि इस सदी के इस बर्बर नरसंहार पर तमाम देशों की सरकारें और भारत सरकार की चुप्‍पी निंदनीय है और भारत सरकारको इस्रायल से मांग करनी चाहिए कि वह गाजा पट्टी में बेगुनाहों का कत्‍लेआम बंद करे। यदि इस्रायल ऐसा नहीं करता है तो भारत सरकार को इस्रायल के साथ अपने राजनयिक संबंध समाप्‍त कर लेने चाहिए। उनके अतिरिक्‍त दिल्‍ली विश्‍वविद्यालय के प्रोफेसर अपूर्वानंद, अली जावेद, पत्रकार भूपेन सिंह, अमेरिका की मानवाधिकारकर्मी सुज़ैन एडली, लक्ष्‍मण सिंह, अकबर, जेएनयू की छात्र लता, दिल्‍ली विश्‍वविद्यालय के छात्र अरविंद आदि ने भी बात रखी।

इधर,13 जुलाई की शाम को ‘गाजा के पक्ष में एकजुट भारतीय जन’ के बैनर तले विभिन्‍न संगठनों ने मुंबई में इजरायली वाणिज्‍य-दूतावास के सामने प्रदर्शन किया और जियनवाद-साम्राज्‍यवाद विरोध नारे लगाए। इस विरोध में शिरकत करने वाले मुख्‍य संगठन थे, इंडो-फिलस्‍तीन सॉलिडैलिटी फोरम, बिगुल मज़दूर दस्‍ता, यूनिवर्सि‍टी कम्‍युनिटी ऑफ डेमोक्रेसी एंड इक्‍वैलिटी (यूसीडीई), नौजवान भारत सभा, रिपब्लिकन पैंथर, दलित अत्‍याचार विरोधी कृति समिति, भारत बचाओ आंदोलन, विद्यार्थी भारती, फेडरेशन ऑफ माइनॉरिटीज़ ऑफ महाराष्‍ट्र, मुस्लिम इंटलेक्‍चुअल फोरम, फुले-अंडेबडकर विचार मंच, इंस्टिट्यूट फॉर पीस स्‍टडीज़ एंड कन्‍फलिक्‍ट रेसोल्‍यूशन। विरोध प्रदर्शन के दिन छुट्टी होने के कारण भारत सरकार, इजरायली दूतावास को ज्ञापन नहीं सौंपा जा सका, जो कि अगले दिन फैक्‍स किया गया।

इसी दिन, शाम को लखनऊ में गाज़ा के पक्ष में एकजुट भारतीय जन के बैनर तले ही नागरिकों, बुद्धिजीवियों, कलाकारों, छात्रों-युवाओं, महिलाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आज यहां विरोध मार्च निकाला और गाजा पर हमले को तुरंत बंद करने की मांग की। शाम 5 बजे सरोजिनी नायडू पार्क से शुरू हुआ मार्च हज़रतगंज से होते हुए और रास्‍ते में पर्चे बांटते हुए जीपीओ पहुंचा। प्रदर्शन में कवयित्री व स्‍त्री मुक्ति लीग से जुड़ी कात्‍यायनी ने कहा कि दुनियाभर में जारी विरोध के बावजूद इज़रायली हुक़ूमत हमले जारी रखने पर अड़ी हुई है और दुनिया की सरकारें चुपचाप इस जनसंहार को देख रही हैं। पांच दिनों में 152 लोग मारे गये हैं और 1000 से अधिक बुरी तरह घायल और विकलांग हो गए हैं। इनमें करीब आधे बच्‍चे, महिलाएं और बुजुर्ग हैं। फिर भी बेशर्मी से यह इज़रायली तर्क दुहराया जा रहा है कि उसने यह हमला ”आत्मरक्षा” के लिए किया है। फिलिस्तीनी संगठन हमास द्वारा इज़रायल में दागे जाने वाले चंद एक रॉकेटों से खुद को बचाने के लिए ही उसे मजबूरन दुधमुंहे बच्चों, बूढ़ी औरतों और अस्पतालों में भरती मरीज़ों तक की जान लेनी पड़ रही है। इज़रायल का यह सरकारी आतंकवाद संयुक्त राष्ट्रसंघ को नज़र नहीं आ रहा। रदर्शन में भारत सरकार को संबोधित ज्ञापन पारित किया गया जिसे कल जिला प्रशासन के माध्‍यम से भेजा जाएगा। ज्ञापन में मांग की गई है कि भारत सरकार इज़रायल के हमले की निंदा करे और गाजा पट्टी में बेगुनाहों का कत्‍लेआम रोकने की मांग करे। यदि इज़रायल ऐसा नहीं करता है तो भारत सरकार को इज़रायल के साथ अपने राजनयिक संबंध समाप्‍त कर लेने चाहिए। इस मसले पर संयुक्‍त राष्‍ट्र की आपात बैठक बुलाने का प्रस्‍ताव भी भारत सरकार को रखना चाहिए।

इधर, इलाहाबाद में भी विरोध-मार्च रखा गया और साइकिल रैली निकाली गयी। शहीद भगत सिंह विचार मंच और स्‍त्री मुक्ति लीग की ओर से आयोजित इस विरोध मार्च में जगह जगह सभाएं की गई और गाजा पर जियनवादी इजरायल के हमलों के खिलाफ आवाज उठाने का आह्वान करते हुए पर्चे बांटे गए। इस विरोध मार्च के दौरान स्‍थानीय पुलिस ने भी व्‍यवधान डाला लेकिन मार्च जारी रखा गया।

अगले दिन, यानी 14 जुलाई को दिल्‍ली में जेएनयून के छात्रों, आइसा, जेएनयूएसयू, एनएपीएम, एसएफआई, डीवाईएफआई आदि छात्र संगठनों के कॉल पर इंडियन पीपुल इन सॉलिडैरिटी विद गाजा ने भी इजरायली दूतावास के सामने विरोध-प्रदर्शन में शिरकत की। पुलिस ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने पहुंचे छात्रों पर लाठीचार्ज कर दिया जिसमें सीपीआई (एम.एल.) की कविता कृष्‍णन, व जेएनयू के अन्‍य छात्र व ‘इंडियन पीपुल इन सॉलिडैरिटी विद गाजा’ के कार्यकर्ता भी घायल हुए, जिन्‍हें बाद में हिरासत में ले लिया गया। शाम पांच बजे सभी को छोड़ दिया गया।

हैदराबाद में, 16 जुलाई को दोपहर तीन बजे टैंक बुंद रोड स्थित अंबेडकर की मूर्ति के सामने नौजवानों, छात्रों और प्रोफसरों के समूह ने गाजा पट्टी पर इजरायली हमले के विरोध में प्रदर्शन किया। गाजा में इजरायल द्वारा नरसंहार के खिलाफ इस प्रदर्शन में रेवोल्‍यूशनरी राइटर्स एसोसिएशन और ह्यूमन राइट्स फोरम के सदस्‍यों ने भी शिरकत की। प्रदर्शनकारियों के हाथ में फिलस्‍तीन पर इजरायली कब्‍जे और कश्‍मीर पर भारत के कब्‍जे का विरोध करते हुए तख्तियां थीं। इस मौके पर वक्‍ताओं ने भारतीय राजसत्‍ता द्वारा देश के बेगुनाह नागरिकों के खिलाफ सैन्‍यकरण की नीति और इजरायल से भारत के सैन्‍य-संबंधों की चर्चा की।

17 जुलाई को दिल्‍ली में इजरायली दूतावास के सामने फिर प्रदर्शन हुआ, जिसका आयोजन इंडियन पीपुल इन सॉलिडैरिटी विद गाजा, फिलस्‍तीनियन सॉलिडैरिटी कमेटी, ऑल इंडिया पीस सॉलिडैरिटी ऑर्गेनाइजेशन ने संयुक्‍त रूप से किया। इस अवसर पर, अपूर्व (इंडियन पीपुल इन सॉलिडैरिटी विद गाजा), प्रबीर पुरकायस्‍थ (फिलस्‍तीन सॉलिडैरिटी कमेटी इन इंडिया), नीलोत्‍पल बसु (एआईपीएसओ), सुधाकर रेड्डी (महासचिव, भाकपा), मेा. सलीम (सांसद, माकपा), कविता कृष्‍णन (भाकपा-माले) ने अपने वक्‍तव्‍यों में इस जियनवादी-साम्राज्‍यवादी हमले की निंदा की और फिलस्‍तीन प्रतिरोध के प्रति एकजुटता जाहिर की।

इसी दिन शाम को बंगलोर के टाउनहॉल पर आम नागरिकों, बुद्धिजीवियों, छात्रों, समूहों ने पीपुल्‍स सॉलिडैरिटी कंसर्न्‍स-बंगलोर के बैनर तले सैकड़ों लोगों ने फिलस्‍तीन जनता के नरसंहार के खिलाफ रोष प्रकट किया। इस मौके पर कई संगठनों के अलावा इजरायली बर्बरता से नफरत करने वाले आम लोग भी मौजूद थे।

संदीप संवाद

गाजा पर इजरायली हमले का विरोध-प्रदर्शन तस्‍वीरों में  

 

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