नाथूराम, अहिंसा और इतिहास (लघुकथा)

December 18th, 2011  |  Published in कला-साहित्‍य/Art-Literature  |  1 Comment


-संजय ग्रोवर

(संवादघर से साभार)

जब तक अंग्रेज भारत में रहे, नाथूराम का आंदोलन पूरी तरह अहिंसक रहा। इतना कि देश में किसी को पता भी नहीं था कि यहा कोई नाथूराम रहता है।
अंग्रेजों के जाते ही और भारत के आज़ाद होते ही नाथूराम मुखर होकर आंदोलित हो गया। उसकी पिस्तौल एकाएक जागरुक हो गयी। गोलियां आज़ादी के गीत गाने लगीं। जिस नाथूराम ने कभी किसी अंग्रेज का बाल भी बांका नहीं किया था उसने बिना किसी सुरक्षा के चलने वाले निहत्थे बूढ़े पर गोलियां दाग़ दीं।

इस तरह नाथूराम इतिहास में शामिल हो गया।

नाथूराम के जीवन से हमें शिक्षा मिलती है कि इतिहास तो कमज़ोर आदमी का मकान है, इसमें कभी भी घुसपैठ की जा सकती है।

यह शिक्षा भी मिलती है कि इतिहास में शामिल होने के लिए हमें कुछ भी कर डालना चाहिए।

नाथूराम का जीवन बहुत शिक्षाप्रद रहा। संभवतः आज भी बहुत-से आंदोलनकारी उसके जीवन से शिक्षा लेते होंगे।


One Response

Feed Trackback Address
  1. zahoor siddiqi says:

    Nathuram was a misguided youth. To begin with he was not born in a prosperous family and frequently faced economic hardship and because of these adverse factors he could not complete matriculation. he was picked by RSS and was given full training. And subsequently instead of taking a rational view of life and the happenings around him he became a fanatic who started believing that a communal vision is supreme; he failed to see the real face of enemy No.1-the British imperialism. Fanaticism at a certain degree becomes uncontrollable and once Nathuram got in touch with Savarkar he became just a tool to enact an unpardonable sin – the killing of Gandhi who was consistently preaching the unity of the people so that India picks up a positive path.

Your Responses

17 − 17 =


Read in your language

सब्‍सक्राइब करें

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner

हाल ही में


फ़ासीवाद, धार्मिक कट्टरपंथ, सांप्रदायिकता संबंधी स्रोत सामग्री

यहां जिन वेबसाइट्स या ब्‍लॉग्‍स के लिंक दिए गए हैं, उन पर प्रकाशित विचारों-सामग्री से हमारी पूरी सहमति नहीं है। लेकिन एक ही स्‍थान पर स्रोत-सामग्री जुटाने के इरादे से यहां ये लिंक दिए जा रहे हैं।
 

हाल ही में

आर्काइव

कैटेगरी

Translate in your language