फिल्‍म/Films

राकेश शर्मा: ‘फ़ाइनल सॉल्‍यूशन’ पर फिर से एक नज़र सहित, एक दशक की फुटेज को तुरंत आर्काइव करने की ज़रूरत

June 10th, 2015 by Smash Fascism | No Comments

डॉक्‍यूमेंट्री फिल्‍मकार राकेश शर्मा ने विस्‍तार से अपने क्राउडफंडिंग कैंपेन के बारे में बताया जो वह पिछले एक दशक में जुटायी गयी फुटेज की आर्काइविंग प्रक्रिया की फंडिंग के लिए चला रहे हैं। यह आर्काइविंग बेहद ज़रूरी है क्‍योंकि उन्‍होंने अधिकांश फिल्‍मांकन ऐसे टेपों पर किया है जो समय के साथ खराब होने लगते हैं। यह अभियान बेहद ज़रूरी होने की एक वजह यह है कि गोधरा दंगों पर आधारित उनकी पिछली फिल्‍म ‘फ़ाइनल सॉल्‍यूशन’ अब तक भारत में बनी सर्वाधिक प्रभावशाली सामाजिक-राजनीतिक डॉक्‍यूमेंट्री फिल्‍मों में से एक है।


आनंद पटवर्धन की फिल्म “राम के नाम”

November 28th, 2011 by Smash Fascism | No Comments

यह फिल्म, राम के नाम को हर तरफ से जाचंती है फिर विश्व हिंदू परिषद के राम को भी दिखाती है। आनंद उस साम्‍प्रदायिकता के सच को उजागर करते हैं, जो सत्ता हासिल करने के लिए राम के नाम का प्रयोग करती हुई लाशों का ढेर लगाती है। फिल्म धार्मिक असहिष्णुता के खिलाफ मानवता को सामने रखती है।


गर्म हवाः एक वक्त के उखड़ने और सूखने की दास्तां

August 14th, 2011 by Smash Fascism | No Comments

इस्मत चुगताई की एक अप्रकाशित कहानी पर कैफी आजमी और शमा जैदी द्वारा लिखित और बलराज साहनी, फारूक शेख और शौकत आजमी अभिनित ‘गर्म हवा’ बंटवारे के बाद के भारत में रह गये एक मुसलमान परिवार की बदली हुयी राजनीतिक परिस्थितियों में पारिवारिक और सामाजिक विचलन की कहानी है। जो व्यक्तिगत होते हुए भी पूरे मुस्लिम समाज की स्थिति को बयान करती है। जिसको फिल्म के शुरूआती दृश्य में ही जब बलराज साहनी पाकिस्तान जाने वाले अपने एक और परिजन को ट्रेन पर चढा कर लौट रहे हैं से तांगे वाला (राजेंद्र रघुवंशी) कह कर स्थापित करता है कि ‘बडी गर्म हवा है मियां, जो उखडा नहीं सूख जावेगा मियां’।


Film on/against Fascism-फ़ासीवाद पर फिल्‍में

October 17th, 2010 by Smash Fascism | 2 Comments

हमारी कोशिश है कि हम फ़ासीवाद के उभार की राजनीतिक-आर्थिक-वैचारिक जड़ों को सामने लाएं, फ़ासीवादी विचारधारा, राजनीति और संगठनों को उजागर करें, उनके कारनामों का पर्दाफाश करें, उनके फैलाये कुप्रचारों को तर्कों और तथ्‍यों से ग़लत साबित करने के साथ-साथ दुनियाभर में फ़ासीवाद के विरुद्ध कवियों-लेखकों-विचारकों के लेखन को सामने लाएं, इस विषय पर ऑडियो-वीडियो सामग्री या उसके परिचय को एक जगह एकत्रित करें, फ़ासीवाद के विरुद्ध व्‍यापक अवाम के संघर्ष के इतिहास को सामने लाएं। इसी क्रम में हम फ़ासीवाद पर बनी कुछ फिल्‍मों की सूची दे रहे हैं, जिसे हम अपडेट करते रहेंगे। आपको भी ऐसी किसी फिल्‍म का पता हो, तो आप हमें मेल कर सकते हैं।


गुजरात में घृणा की राजनीति का ब्‍यौरा देती ‘फाइनल सॉल्‍यूशन’

October 29th, 2009 by Smash Fascism | 9 Comments

गुजरात में फिल्‍माई गयी फाइलन सॉल्‍यूशन 2002 में गुजरात में मुसलमानों के नरसंहार के ब्‍यौरे के जरिए भारत में दक्षिणपंथी राजनीति के बदलते चेहरे का विवरण देती है।


देखिए, फ़ासीवाद और हिटलर के उभार को बयान करती ‘ज़ुल्‍मतों के दौर में’

June 5th, 2009 by Smash Fascism | 11 Comments

हमने इस ब्‍लॉग की पहली पोस्‍ट में लिखा था कि हमारी कोशिश होगी …दुनियाभर में फ़ासीवाद के विरुद्ध कवियों-लेखकों-विचारकों के लेखन को सामने लाएं, इस विषय पर ऑडियो-वीडियो सामग्री या उसके परिचय को एक जगह एकत्रित करें…इसी कड़ी में आज हम ‘बर्बरता के विरुद्ध’ पर गौहर रज़ा की फिल्‍म ‘जुल्‍मतों के दौर में’ दे रहे […]



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फ़ासीवाद, धार्मिक कट्टरपंथ, सांप्रदायिकता संबंधी स्रोत सामग्री

यहां जिन वेबसाइट्स या ब्‍लॉग्‍स के लिंक दिए गए हैं, उन पर प्रकाशित विचारों-सामग्री से हमारी पूरी सहमति नहीं है। लेकिन एक ही स्‍थान पर स्रोत-सामग्री जुटाने के इरादे से यहां ये लिंक दिए जा रहे हैं।
 

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