इतिहास/History

मध्य-पूर्व में अमेरिकी साम्राज्यवाद की इस्लामिक कट्टरपंथ से गलबहियों के लंबे इतिहास की कुछ झलकियां

September 8th, 2014 by Smash Fascism | No Comments

Obama2

*आनंद सिंह* —…..आईएस के इतिहास से वाकिफ़ कोई भी व्‍यक्ति यह जानता है कि यह भस्‍मासुर इराक़ में 2003 के अमेरिकी हमले के बाद पैदा हुआ और सीरिया में 2011 के बाद से जारी गृहयुद्ध में अमेरिका द्वारा पोषित किया गया है। लेकिन आईएस जैसे बर्बर इस्लामिक कट्टरपंथी संगठन की अमेरिकी साम्राज्यवादी नीतियों द्वारा पैदाइश और उनका पालन-पोषण कोई नयी बात नहीं है। अमेरिकी विदेश नीति द्वारा ऐसे भस्‍मासुरों को पैदा करने को का बहुत लंबा इतिहास रहा है।


हिंदू राष्ट्रवाद की विदेशी जड़ें – 2

January 30th, 2012 by Smash Fascism | No Comments

hitler and golwalkar

फ़ासीवाद और मुसोलिनी में भारतीय हिंदू राष्‍ट्रवादियों की रुचि एक आकस्मिक जिज्ञासा मात्र से पैदा नहीं हुई थी जो कुछ व्‍यक्तियों तक ही सीमित हो, बल्कि इसे उस मनोयोग की पराकाष्‍ठा का परिणाम समझना चाहिए, जिसे हिंदू राष्‍ट्रवादियों ने, विशेषकर महाराष्‍ट्र के हिंदू राष्‍ट्रवादियों ने इतालवी तानाशाही और इसके नेता पर केंद्रित किया था। उन्‍हें फ़ासीवाद में रूढ़ि‍वादी क्रांति नज़र आई। इतालवी सरकार के पहले चरण से ही यह अवधारणा मराठी अख़बारों में विस्‍तृत चर्चा का विषय रही।







हिंदू राष्ट्रवाद की विदेशी जड़ें – 1

November 26th, 2011 by Smash Fascism | No Comments

1

1930 में हिंदू राष्‍ट्रवाद ने ‘भिन्‍न’ लोगों को ‘दुश्‍मनों’ में रूपांतरित करने का विचार यूरोपीय फ़ासीवाद से उधार लिया। इस संबंध में ‘इकोनॉमिकल एंड पोलिटिकल वीकली’ के जनवरी 2000 अंक में मारिया कासोलारी का शोधपरक लेख प्रकाशित किया गया था, जिसमें कासोलारी ने आर्काइव/दस्‍तावेजों से प्रमाण प्रस्‍तुत किए हैं।







बाबरी मस्जिद से पहले भी वहां मस्जिद ही थी – डा. सूरजभान

October 16th, 2010 by Smash Fascism | No Comments

1992_Babri_Masjid

चूंकि 18वीं सदी के मध्य भाग से पहले राम चबूतरों की मौजूदगी का कोई साहित्यिक या ऐतिहासिक साक्ष्य नहीं है, चबूतरों स्तंभ आधारों तथा कब्रों का फर्श में धंसता हुआ निर्माण, 18वीं-19वीं सदियों का माना जा सकता है। यह ज्ञात ही है कि 1857 से पहले अयोध्या में दंगे हुए थे और इनमें कुछ खून-खराबा हुआ था। बहरहाल, अवध के नवाब के हस्तक्षेप से, दोनों समुदायों के बीच के टकराव को हल कर लिया गया था।







राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ: भारतीय फ़ासीवादियों की असली जन्मकुण्डली

September 13th, 2009 by Smash Fascism | 9 Comments

भारत में फ़ासीवाद का इतिहास लगभग उतना ही पुराना है जितना कि जर्मनी और इटली में। जर्मनी और इटली में फ़ासीवादी पार्टियाँ 1910 के दशक के अन्त या 1920 के दशक की शुरुआत में बनीं। भारत में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना 1925 में नागपुर में विजयदशमी के दिन हुई। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक […]


”देसी” हिंदुत्‍व के विदेशी संबंध और प्रभाव

August 16th, 2009 by Smash Fascism | 4 Comments

hitler and golwalkar

उग्र हिंदुत्‍व को समझने के लिए, हमें भारत में उसकी जड़ों के साथ ही उसके विदेशी संबंधों-प्रभावों की पड़ताल करनी होगी। 1930 में हिंदू राष्‍ट्रवाद ने ‘भिन्‍न’ लोगों को ‘दुश्‍मनों’ में रूपांतरित करने का विचार यूरोपीय फ़ासीवाद से उधार लिया। उग्र हिंदुत्‍व के नेताओं ने मुसोलिनी और हिटलर जैसे सर्वसत्तावादी नेताओं तथा समाज के फ़ासीवादी मॉडल की बार-बार सराहना की। यह प्रभाव अभी तक चला आ रहा है (और इसकी वजह वे सामाजिक-आर्थिक कारण हैं जो अब तक मौजूद हैं)।








Read in your language

सब्‍सक्राइब करें

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner

हाल ही में


फ़ासीवाद, धार्मिक कट्टरपंथ, सांप्रदायिकता संबंधी स्रोत सामग्री

यहां जिन वेबसाइट्स या ब्‍लॉग्‍स के लिंक दिए गए हैं, उन पर प्रकाशित विचारों-सामग्री से हमारी पूरी सहमति नहीं है। लेकिन एक ही स्‍थान पर स्रोत-सामग्री जुटाने के इरादे से यहां ये लिंक दिए जा रहे हैं।
 

हाल ही में

आर्काइव

कैटेगरी

Translate in your language